सरकार को गुमराह कर नामित डायरेक्टर बाहरी महिला को अध्यक्ष बनाने का आरोप कार्यवाही ना होने पर कोर्ट जाने की दी चेतावनी…

ब्यूरो रिपोर्ट
रुड़की। महाराष्ट्र जैसा वाक्य उत्तराखंड में भी जी हां हम बात कर रहे है गन्ना सहकारी समिति लिब्बरहेडी की जिसमे बाहरी महिला को अध्यक्ष बनाया दिया गया जोसके पास न तो कोई जमीन और न ही वह यहां की रहने वालों सरकार द्वारा अध्यक्ष निर्वाचित होने के साथ ही समिति में विवाद शुरु हो गया था आरोप था जिस महिला को गन्ना सहकारी समिति का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है वह यूपी की है और उनके पास कोई जमीन तक नही है।
किसानों का यह भी आरोप है कि समिति अधिकारियों द्वारा महिला को मिली भगत के तहत सदस्य बनाया गया है। इतना ही नही सरकार ने भी इस महिला को गलत तरीके से डायरेक्टर नामित किया जिसकी शायद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को अभी तक मालूम नही धरने पर बैठे किसानों ने कहा कि यदि जल्द ही सरकार कोई कदम नही उठाती तो न्यायालय की शरण ली जायेगी लिब्बरहेड़ी गन्ना सहकारी समिति में बीते दिन बाहरी महिला को अध्यक्ष के रुप में निर्वाचित किया गया था जिसकी शपथ समारोह कल हुआ है जिसको लेकर किसान धरने पर बैठ गये थे। इससे पूर्व भी डेलीगेट्स के चुनाव में सहकारी समिति के कर्मचारियों द्वारा कई किसानों के वोट काटे जाने को लेकर विवाद हुआ था। किसानों ने आरोप लगाया कि समिति सचिव जयसिंह ओर निर्वाचन अधिकारी मुकुल चौधरी द्वारा उन्हें सदस्य के रुप में गलत तरीके से ‘शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि लक्सर और ज्वालापुर में भी नामित डायेरक्ट ही सहकारी समितियों में अध्यक्ष निर्वाचित हुए है लेकिन वह उत्तराखंड के निवासी है जिस पर कोई आपत्ति नही है लेकिन लिब्बरहेड़ी गन्ना सहकारी समिति में जानबूझ कर अधिकारियों ने सांठगांठ कर एक ऐसी महिला को अध्यक्ष के पद पर बैठा दिया है जो कि बाहरी है इतना ही नही इस महिला पर कोई जमीन भी नही है। उन्होंने कहा कि यह सब कांग्रेसी नेता सुशील राठी के इशारे पर हुआ है। जिसको किसान किसी भी सूरत में बर्दाशत नही करेंगे चाहे उन्हें न्यायालय की ही शरण क्यों ना लेनी पड़े। भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष विकेश चौधरी ने समिति पर भ्रष्टाचार के अनेक आरोप लगाये है। उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता सुशील राठी की मुख्यमंत्री के चहेते कुछ लोगों से अच्छी सांठ गांठ जिसके चलते इस महिला को जबरन किसानों पर थोपा जा रहा है। वही उन्होंने कहा कि उन्हें कोई आपत्ति नही होती यदि महिला उत्तराखंड की निवासी किसान होती। उन्होंने कहा कि जब तक उक्त महिला को अध्यक्ष पद से नही हटाया जाता तब तक उनका आन्दोलन जारी रहेगा ओर इन लपगो ने सरकार को गुमराह कर उक्त महिला को पहले तो डायरेक्टर नामित करा दिया था और अब धांधली कर अध्यक्ष निर्वाचित कर दिया इस महिला को हम पर गलत थोपा जा रहा है यह लड़ाई हमारी चाहे हमे कही तक भी लड़नी पड़े हम पीछे नही हटेंगे छाजे जो हो जाये जिसमे माना यह भी जा रहा है कि इन लोगो ने सांठ गांठ के चलते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को पूरी बात बनाये बिना ही इस महिला को अध्यक्ष पद के लोए निर्वाचित तो करा लिया लेकिन सरकार ने इसकी जांच करा कर जल्द ही यह पर कोई स्थायी अध्यक्ष नही बनाया तो यह लफाई हमारी हाइकोर्ट से लेकर चाहे सुप्रीम कोर्ट तक चली जाए लेकिन इस महिला को हम अध्यक्ष पद पर नही रहने देंगे।