NH-74 घोटाले में चार आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट…….

जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव कुमार खुल्बे की कोर्ट में गुरुवार को एनएच-74 प्रकरण पर सुनवाई की तिथि निर्धारित थी। इसमें 24 में से 15 आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए, जबकि 5 आरोपियों ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दिया। चार आरोपियों की अनुपस्थिति और हाजिरी माफी प्रार्थना पत्र तक न देने पर सख्त जिला जज ने इन चारों आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट (एनबीडब्लू) के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी सुशील कुमार शर्मा न्यायालय में उपस्थित रहे।
बता दें कि वर्ष 2014 के एनएच 74 प्रकरण में तत्कालीन कुमाऊं कमिश्नर डी.सेंथिल पांडियन के निर्देश पर यूएस नगर के एडीएम की ओर से जांच किए जाने के बाद नवंबर 2017 में पंतनगर थाने में मामले की एफआईआर दर्ज कराई गई। जिसके बाद एसआईटी के माध्यम से इस प्रकरण की जांच की गई। एसआईटी के जांच अधिकारी स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में हुई जांच के बाद चार एसडीएम, एसएलओ, राजस्व अधिकारी, कर्मचारी, काश्कतार और बिचौलियों समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। संबंधित आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र भी न्यायालय में पेश किए गए।
मामले में न्यायालय में हुई सुनवाई में आरोपियों और उनके 10 से अधिक अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा था। लेकिन जिला जज ने अभियोजन के तर्क के आधार पर डीजीसी को आरोपियों को उनके ऊपर लगे आरोपों और धाराओं से अवगत कराने को कहा था। लेकिन गुरुवार को हुई सुनवाई में 9 आरोपियों की गैरमौजूदगी पर अग्रिम कार्रवाई नहीं हो सकी। न्यायालय ने अनुपस्थित काश्कतार चरन सिंह, ओम प्रकाश, मनदीप सिंह और एक अन्य के खिलाफ गैर जमानती वारंट के आदेश दिए।