मीडिया के द्वारा प्रमुखता खबर दिखाई जाने के बाद आनन फानन में दरगाह प्रबंधन आया हरकत में – प्रबंधन की तहरीर पर पुलिस ने दो को पकड़ किया खुलासा नकदी की बरामद….

ब्यूरो रिपोर्ट
दरगाह कार्यालय के वीआईपी रूम में रखे दरगाह साबिर पाक के दानपात्रों से चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया हैं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी की गई रकम बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया।
सोमवार को कलियर थाना प्रभारी ने मामले का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि दरगाह प्रबंधक प्रवेज आलम द्वारा रविवार को थाने पर तहरीर देकर बताया गया था कि दरगाह कार्यालय के वीआईपी कक्ष में दानपात्र रखे हुए हैं। इन दानपात्र में जमा दान की रकम को गिनने के लिए रुड़की तहसील से राजस्व विभाग की टीम शनिवार को कलियर पहुँची थी,जैसे ही टीम ने वीआईपी रूम में रखी गोलको को देखा तो दानपात्रों से चोरी होने की आशंका हुई। जिस पर राजस्व विभाग की टीम ने वीआईपी रूम को सील करते हुए ज्वाईंट मजिस्ट्रेट रुड़की नमामि बंसल को जानकारी दी। ज्वाईंट मजिस्ट्रेट के निर्देश पर वीआईपी कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज को चेक किया गया तो देखा कि दो व्यक्ति गत 23 दिसम्बर को शाम करीब 6:30 बजे से 7:20 बजे के बीच एक पूर्व कर्मचारी बाबू व एक वर्तमान कर्मचारी नदीम जो दानपात्र का ताला तोड़कर दानपत्र से पैसा एक बैग में भरकर चोरी कर ले जा रहे हैं, इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर टीम का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर की सूचना पर एसआई मन्शा ध्यानी ने दोनो आरोपियों को उनके घर से दबिश देकर हिरासत में ले लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वीआईपी कक्ष में रखे दानपात्र की सील को ब्लेड से उतार कर दानपत्र को खोलकर चोरी कर सील को फिर से मोम से चिपका दिया ताकि किसी को पता न चले। पुलिस ने चोरी की गई नगदी भी बरामद कर ली। नदीम के पास से 27,800 रुपये और बाबू के पास 35,000 हजार रुपये बरामद कर दोनो आरोपीयों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेजा जा रहा हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि दरगाह के दानपात्र में हुई चोरी में नदीम पुत्र नसीम निवासी पिरान कलियर व बाबू पुत्र वकील निवासी पिरान कलियर के पास से 62800 रुपये की रकम बरामद कर ली हैं। टीम में थानाध्यक्ष सन्तोष सिह कुँवर, एसआई मन्शा ध्यानी, एचसीपी गुमान सिह तोमर, कॉस्टेबल मोहम्मद हनीफ, संजय पाल, तेजपाल, महिला कॉस्टेबल मनीषा आदि शामिल रहे।
ज्ञात रहे कि, एक चैनल द्वारा इस सीसीटीवी फुटेज को प्रसारित किया गया था, तब जाकर दरगाह प्रबंधन हरकत में आया और सवाल जवाब से बचने के लिए आनन फानन में रिपोर्ट दर्ज कराकर खुलासा तक कर दिया, जबकि इस तरह के अन्य कई मामले अभी भी ऐसे है, जिनसे शायद दरगाह प्रबंधन और प्रशासन पूरी तरह से अंजान बना हुआ है। इस मामले के बाद से दरगाह प्रबंधन अपनी लापरवाही में कितनी कटौती करता है, यह देखने वाली बात होगी?
हालांकि इस मामले को लेकर मीडिया द्वारा लगातार दरगाह प्रबंधक से सम्पर्क साधने के प्रयास किया गया, लेकिन अपनी निष्क्रियता के चलते उन्होंने फोन का कोई जवाब देना उचित नही समझा। सोमवार को कलियर पुलिस द्वारा आनन फानन में घटना का खुलासा तो कर दिया गया, लेकिन दरगाह प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की लापरवाही का ही इसे एक नमूना माना जायेगा, की इतनी सिक्योरिटी होने के बाद भी दरगाह के ही कर्मचारी दानपात्रों से नगदी की खुलेआम चोरी कर रहे है और प्रबंधन और पुलिस इन हरकतों से अंजान है। ऐसे कई मामले अभी भी खुलने बाकी है, जिन पर दरगाह प्रबंधन और पुलिस प्रशासन ने कोई संज्ञान नही लिया, इस मामले में भी ऐसा ह होता, यदि मीडिया इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित न करता।