साबिर ए पाक के सालाना उर्स का हुआ आगाज— मेंहदी डोरी की रस्म के बाद हुआ उर्स का आगाज…..

शहजाद राजपूत (पिरान कलियर, रुड़की)
पिरान कलियर: विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर के 751 वें उर्स का आगाज हो चुका है। उर्स में देश से ही नहीं विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन आते हैं और अपनी मन्नतें मांगते हैं आपको बता दें कि बरेली शरीफ से एक जत्था पैदल साबरी झण्डा लेकर पिरान कलियर पहुंचता है यह जत्था 12 दिन तक पैदल चलता है इस जत्थे में करीबन 200 से ज्यादा अकीदतमंद आते हैं चांद दिखाई देने पर इस झण्डे को साबिर पाक के बुलंद दरवाजे पर लगाया जाता हैं।
साबिर पाक के सालाना उर्स में मेंहदी डोरी की रस्म को ज्यादा महत्व दिया जाता है यह मेंहदी सज्जादानशीन के घर से आती है। इस मेंहदी को कुंवारी लड़कियों द्वारा तैयार किया जाता है। सज्जादानशीन परिवार की ओर से मेंहदी डोरी सुफियाना तरीके से साबिर ए पाक में पेश की जाती है मेंहदी डोरी की रस्म के बाद वार्षिक उर्स का आगाज हो जाता है। मेंहदी डोरी की रस्म में देश के कोने-कोने से जायरीन आते हैं
शाह अली मंजर एजाज ने साबिर ए पाक के उर्स की मुबारकबाद देते हुए बताया कि मेंहदी डोरी उर्स की अव्वल रस्म है चांद दिखाई देने पर मेंहदी डोरी की रस्म अदा की गई। देश के कोने-कोने से जायरीनों ने मेंहदी डोरी में शिरकत की।