त्योहारों और सोमवती अमावस्या स्नान को लेकर हरिद्वार प्रशासन अलर्ट, 12 जोन और 40 सेक्टरों में सुरक्षा के इंतजाम
आगामी त्योहारों और सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को लेकर हरिद्वार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा और ईगास-बग्वाल के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। वहीं 9 नवंबर को होने वाले सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र को 12 जोन और 40 सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है। सुरक्षा से लेकर यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य और साफ-सफाई तक की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के साथ सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ सूचनाएं प्रसारित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है धनतेरस और दीपावली के दौरान बाजारों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारु रखने, महिलाओं की सुरक्षा, चैन स्नैचिंग और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं आतिशबाजी की दुकानों और गोदामों की जांच, पटाखों की गुणवत्ता तथा अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। छठ पूजा के दौरान घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष इंतजाम भी किए जाएंगे। वहीं 9 नवंबर को सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को लेकर भी प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के हरिद्वार पहुंचने की संभावना को देखते हुए मेला क्षेत्र को 12 जोन और 40 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। जिलाधिकारी ने जोनल, सेक्टर और आरक्षित मजिस्ट्रेटों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों की ड्यूटी 8 नवंबर की शाम 4 बजे से स्नान पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।
हरकी पैड़ी, मालवीय दीप, सुभाष घाट, मनसा देवी, अपर रोड, ऋषिकुल मैदान, खड़खड़ी-सप्तऋषि, रोड़ी बेलवाला, शंकराचार्य चौक, सिडकुल और चंडी देवी समेत सभी प्रमुख क्षेत्रों में अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।स्नान पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन, पार्किंग, जल पुलिस और अग्निशमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एंबुलेंस, चिकित्सकीय दल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी रहेगी। वहीं घाटों पर साफ-सफाई, पेयजल और निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।इसके अलावा 8 नवंबर से रोशनाबाद स्थित आपदा प्रबंधन कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय रहेगा। इसके लिए 7351428593 नंबर जारी किया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाने और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य आगामी त्योहारों और सोमवती अमावस्या स्नान पर्व को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
