अवैध निर्माण पर कार्यवाही के बाद भी नही मान रहे निर्माण स्वामी-निर्माण सील होने के बाद भी नही हट रहे टेंट पर्दे-कहा का है पूरा मामला पढ़े पूरी खबर…..

ब्यरो रिपोर्ट
रूडकी में अवैध निर्माण करने वालो के हौंसले इतने बुलन्द है ना तो उनको शासन प्रशासन का कोई डर है ना ही किसी अधिकारी का क्योंकि कुछ लोग निर्माण कर्यो पर सील लग जाने के बाद भी निर्माण कार्य करा रहे है जिनको पुलिस प्रशासन से लेकर अधिकारी तक का उनको कोई डर नही है सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि बोड क्लब स्थित एक निर्माण कार्य हो रहा है जिस पर अधिकारियों द्वारा पहले भी कई बार कार्यवाही की जा चुकी है लेकिन उसके बाद भी निर्माण कार्य पर रोक नही लग पाई कुछ समय पहले इस निर्माण कार्य पर एचआरडीए के सचिव हरबीर सिंह द्वारा सील किया गया था उसके बाद भी पूरा निर्माण कार्य किया जा रहा है-सूत्र
अब सोचने वालो बात यह है क्योंकि जिस भूमि पर यह निर्माण कार्य किया जा रहा है वह भूमि नगर निगम की है जिसको (नजूल की भूमि) भी बोल जाता है लेखों उसके बावजूद नगर निगम के अधिकारी इस ओर कोई ध्यान नही दे रहे है और विकास प्रधिकरण के सचिव हरबीर सिंह के द्वारा सील तो कर दिया गया था क्योंकि इस भूमि पर निर्माण कार्य करने के लिए नक्शा नही बन पाता है क्योंकि जिसको देखते हुए पीसीएस अधिकारी द्वारा इस निर्माण को सील किया था अब सीधा सीधा यही माना जाए कि भूमाफियाओं के हौंसले इतने बुलन्द है कि उनको किसी अधिकारी का कोई डर नही है इसलिए वह नजूल की भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे है पीसीएस अधिकारी द्वारा निर्माण कार्य पर सील तो लगा दी गयी ओर यह कार्य आज भी टेंट लगा कर किया जा रहा है सोचने वाली बात यह है कि जो निर्माण कार्य सील होने के बाद भी किया जा रहा है उसमें या तो अधिकारियों की जेब गर्म की गई हो या फिर किसी नेता की सह पर यह पूरा निर्माण किया जा रहा है सवाल यह उठता है कि निर्माण कार्य पर सील तो लगा दी गयी लेकिन जिस टेंट की आड़ में निर्माण कार्य चल रहा है उस टेंट को आज तक भी नही हटाया गया सूत्र बता रहे है की टेंट के पीछे से आधा सटर खोला गया है जिससे लेवर अंदर जाकर निर्माण कार्य को पूरा कर रही है और अधिकारी अपनी नींद सोया हुआ है और इन निर्माण कार्य करने वालो पर अधिकारी कू बड़ी कार्यवाही करने से क्यों पीछे हट रहे है अगर निर्माण कार्य नही हो सकता तो सील करने के साथ साथ वहां से टेंट भी हटा दिया जाना चाहिए था अब देखने वाली बात यह है कि सूत्रों के हवाले से जो खबर मिल रही है हमारी इस खबर से अधिकारी क्या कार्यवाही इन अवैध निर्माणों पर कोई कार्यवाही कब तक करता है।