October 31, 2026

उत्तराखंड के 8.08 लाख किसानों को मिली पीएम-किसान सम्मान निधि, खातों में पहुंचे 161.96 करोड़ रुपये

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह7 धामी ने गुरुवार को हाथीबड़कला में आयोजित पीएम-किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। उत्तराखंड के 8.08 लाख से अधिक किसानों को भी 161.96 करोड़ रुपये की सम्मान निधि मिली।मुख्यमंत्री ने लाभार्थी किसानों को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि किसानों को आर्थिक संबल देने की महत्वपूर्ण योजना है। वर्ष 2019 में योजना की पहली किस्त जारी होने के समय प्रदेश के करीब चार लाख किसान इससे लाभान्वित हुए थे। अब लाभार्थियों की संख्या बढ़कर आठ लाख से अधिक हो गई है।धामी ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में किसानों की अहम भूमिका है। केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों को लाभ पहुंचाया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में नहरों से सिंचाई निःशुल्क की गई है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, करीब 115 करोड़ रुपये के निवेश से 350 से अधिक आधुनिक पॉलीहाउस तैयार किए जा चुके हैं। इससे संरक्षित खेती को बढ़ावा मिल रहा है।उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती की चुनौतियों को देखते हुए एक हजार करोड़ रुपये की लागत वाली उत्तराखंड क्लाइमेट रिस्पॉन्सिव रेन-फेड फार्मिंग परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सेब, कीवी और ड्रैगन फ्रूट की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियां बनाई गई हैं। स्टेट मिलेट मिशन के तहत मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। पात्र किसानों को विभिन्न गतिविधियों में 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की उपज को उचित मूल्य दिलाने के लिए कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन और खाद्य प्रसंस्करण सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। महक क्रांति नीति के तहत सात एरोमा वैली विकसित की जा रही हैं। साथ ही 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि धान और गेहूं की खरीद के लिए अनुपूरक बजट में 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पर्वतीय कृषि, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन, सहकारिता और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।कार्यक्रम में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आपदा प्रभावित किसानों को निर्धारित सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी मदद देने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस अवसर पर विधायक बृजभूषण गैरोला, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह चौधरी, कृषि सचिव डॉ. एसएन पांडेय, महानिदेशक कृषि एवं उद्यान डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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