April 7, 2025

बाहरी महिला को निर्वाचित कर किसानों के ऊपर थोपने का आरोप..

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ब्यूरो रिपोर्ट

रुड़की। गन्ना सहकारी समिति लिब्बरहेडी में अध्यक्ष निर्वाचित होने के साथ ही विवाद शुरु हो गया है। आरोप है कि जिस महिला को गन्ना सहकारी समिति लिब्बरहेड़ी की अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है उन पर ना तो जमीन है और ना ही वह उत्तराखंड की निवासी है। किसानों को आरोप है कि सुशील राठी की शह पर समिति सचिव जयसिंह ओर निर्वाचन अधिकारी मुकुल चैधरी द्वारा उन्हें सदस्य बनाया। जबकि जिस रिपोर्ट के आधार पर जमीन दर्शाकर उन्हें सदस्य बनाया गया था उक्त जमीन का बैनामा ही 2019 में निरस्त हो चुका है। इसके बावजूद सरकार द्वारा उन्हें डेलीगेट्स नामित कर दिया गया।

किसानों ने आरोप लगाया कि उक्त महिला को डेलीगेट्स नामित पर उनके द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई लेकिन उसे भी निरस्त कर दिया। उन्होंने कहा कि सुशील राठी से मिली भगत कर सचिव व निर्वाचन अधिकारी ने उक्त महिला को 4-4-मतों पर अध्यक्ष निर्वाचित कर दिया। उन्हें कहा कि जब नामित महिला को ही अध्यक्ष बनाना था तो चुनाव कराने की क्या आवश्यकता थी।
लिब्बरहेड़ी गन्ना सहकारी समिति के चुनाव में पहले डेलीगेट्स का चुनाव हुआ था उस समय भी अनेक किसानों का वोट काटने को लेकर विवाद हो गया था। जिस पर कई किसानों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई गई थी लेकिन इसके बाद में आपत्तियों के निस्तारण पर चुनाव सम्पन्न हुआ। उस समय सहकारी समिति के सचिव व निर्वाचन अधिकारी द्वारा एक ऐसी महिला को भी सदस्य बना दिया दिया गया जिस पर ना तो जमीन थी और ना ही वह अब उत्तराखंड की निवासी है। किसानों ने बताया कि कांग्रेसी नेता सुशील राठी की शह पर समिति के कर्मचारियों ने ऐसा किया। उन्होंने कहा कि उक्त महिला 2011 से पहले लिब्बरहेड़ी की निवासी थी जिनकी  शादी यूपी के तितावी ग्राम में हो गई थी। उक्त महिला की जिस जमीन को दिखाकर समिति ने सदस्य बनाया उस जमीन का बैनामा भी 29 मई 2019 में निरस्त हो चुका है। किसानों ने कहा कि उक्त महिला पर भूरा नामक व्यक्ति द्वारा 420 का मुकदमा दायर किया था। किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा सुशील राठी के 18 डेलीगेट्स नामित किये है। जिनमें से उक्त महिला को

सहकारी समिति की मिली भगत से चेयरमैन निर्वाचित कर दिया गया। उन्हेांने कहा कि लिब्बरहेड़ी समिति की ही तरह लक्सर समिति में भी नामित डेलीगेट्स को ही 6-6 मतों पर निर्वाचित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब नामित डेलीगेट्स ही चेयरमैन निर्वाचित करने थे तो चुनाव कराने की क्या आवश्यकता थी। लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति में उक्त महिला के निर्वाचित होने के साथ ही विवाद शुरु हो गया है। इसकों लेकर भाकियू तोमर के जिलाध्यक्ष विकेश चैधरी ने समिति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने कि वह समिति अध्यक्ष के रुप में उक्त महिला को किसी भी सूरत में बर्दाशत नही करेंगे चाहे इसके लिए उन्हें किसी भी हद तक लड़ाई ही क्यों ना लड़नी पड़े।

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