April 7, 2025

विश्व मोटापा दिवस 2019: चीन के बाद भारत में बच्चे सबसे मोटे….

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भारत में मोटापा बड़ी महामारी बनता जा रहा है। देश में मोटापा राजधानी दिल्ली और तेलंगाना के बच्चों को सबसे अधिक अपनी चपेट में ले रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, दिल्ली का लगभग हर चौथा बच्चा मोटापे का शिकार है। उसने देश के करीब 100 संस्थानों के विशेषज्ञों के साथ मिल कर यह अध्ययन किया है।

दिल्ली के 23.1 फीसदी बच्चे मोटापा ग्रस्त :
आईसीएमआर के अध्ययन के मुताबिक, तेलंगाना में प्रति 100 बच्चों में 23.2 बच्चे, दिल्ली में 23.1, गोवा में 22.3, राजस्थान में 10, छत्तीसगढ़ में 9.9, झारखंड में 8.6, मध्य प्रदेश में 8.2, बिहार में 6.8, हिमाचल प्रदेश में 18.5, पंजाब में 12.1, हरियाणा में 14.4, गुजरात में 13.1 और महाराष्ट्र में 14.9 फीसदी बच्चे मोटापा ग्रस्त हैं।

निजी स्कूलों में 30 फीसदी बच्चों का वजन अधिक
दिल्ली के निजी स्कूलों में एक हजार से अधिक बच्चों पर हुए सर्वे के मुताबिक, 30 फीसदी बच्चों का वजन अधिक है। सर गंगाराम अस्पताल के सर्वे में यह जानकारी सामने आई है। अस्पताल के डॉक्टर विवेक बिंदल ने बताया कि बचपन में ही मोटापे का शिकार होने पर भविष्य में हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हृदय रोग, कैंसर का खतरा ज्यादा रहता है। असमय मृत्यु की आशंका भी रहती है। यही नहीं, भारत में ऑफिस जाने वाले 63 प्रतिशत लोग मोटापे का शिकार हैं।

प्रोफेसर नवल विक्रम (एम्स) ने कहा- मोटापा का सीधा असर हृदय की धमनियों में रक्त का थक्का जमने, अनियंत्रित रक्तचाप और मधुमेह के रूप में दिखता है। मोटापा दिल की बीमारियों की वजह से होने वाली मौत का सबसे बड़ा कारण बन सकता है। उच्च रक्तचाप, ब्लड शुगर और हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण भारत में हर साल 52 लाख लोगों की असमय मौत होती है।

भारत इसका शिकार दूसरा सबसे बड़ा देश :
वर्ल्ड ओबिसिटी फेडरेशन के वैश्विक सर्वे के अनुसार, दुनिया में करीब 15 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे से ग्रसित हैं। अगले दस साल में यह संख्या 25 करोड़ पहुंच जाएगी। संगठन की चाइल्डहुड ओबिसिटी रिपोर्ट के मुताबिक, पांच से 19 साल के आयुवर्ग में चीन के 6.19 करोड़ और भारत के 2.75 करोड़ बच्चे इसकी जद में हैं। अध्ययन में चेताया गया है कि अगले एक दशक में बच्चों का मोटापा बड़ी महामारी का रूप ले लेगी। बच्चों में मोटापे का बोझ झेलने वाले बड़े देशों में ब्राजील, मैक्सिको, नाइजीरिया, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

ये हैं प्रमुख कारण—
-व्यायाम या सक्रियता में कमी
-फास्टफूड की बढ़ती खपत
-मोबाइल-टीवी को ज्यादा वक्त देना
-ज्यादा समय तक वाहनों में यात्रा करना

मोटापा बीमारियों का घर :
-हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राल और श्वास रोग की समस्या
-हड्डियों और जोड़ों में परेशानी का खतरा
-मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर का जोखिम
-मोटापे के बाद बच्चों में सर्जरी कराने का खतरा

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