April 7, 2025

विश्व मोटापा दिवस पर जानें वजन घटाने के उपाय…….

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World Obesity Day 2019: हर वर्ष 11 अक्टूबर को विश्व मोटापा दिवस मनाया जाता है। मोटापे के कारण और इससे बचने व कम करने के उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करने को लेकर हर वर्ष यह दिवस मनाया जाता है। वर्ल्ड ओबीसिटी फेडरेशन ( World Obesity Federation ) ने 2015 में विश्व मोटापा दिवस मनाए जाने की शुरुआत की थी। वर्ल्ड ओबिसिटी फेडरेशन के वैश्विक सर्वे के अनुसार, दुनिया में करीब 15 करोड़ बच्चे और किशोर मोटापे से ग्रसित हैं। अगले दस साल में यह संख्या 25 करोड़ पहुंच जाएगी। संगठन की चाइल्डहुड ओबिसिटी रिपोर्ट के मुताबिक, पांच से 19 साल के आयुवर्ग में चीन के 6.19 करोड़ और भारत के 2.75 करोड़ बच्चे इसकी जद में हैं। अध्ययन में चेताया गया है कि अगले एक दशक में बच्चों का मोटापा बड़ी महामारी का रूप ले लेगी। बच्चों में मोटापे का बोझ झेलने वाले बड़े देशों में ब्राजील, मैक्सिको, नाइजीरिया, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।

अनियमित दिनचर्या और खान-पान के कारण दिन-ब-दिन मोटापा लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बनकर सामने आ रहा है। मोटापा एक मेडिकल कंडीशन है, जिसमें शरीर पर वसा की परतें इतनी मात्रा में जम जाती हैं कि ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो जाती हैं। मोटापे को बीमारी नहीं माना जाता, लेकिन माना जाता है कि यह बहुत सी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है। इसकी वजह से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, हार्ट फेलियर, अस्थमा, कोलेस्ट्रॉल, अत्यधिक पसीना आना, जोड़ों में दर्द, बांझपन आदि का खतरा बढ़ जाता है। खान-पान की गलत आदतें, जीवनशैली में बदलाव और शारीरिक सक्रियता की कमी के कारण यह समस्या लगातार गंभीर हो रही है। जानें इस माटोपा आने के कारण और इससे बचने के उपायों के बारे में –

ये हैं प्रमुख कारण—
-व्यायाम या सक्रियता में कमी
-फास्टफूड की बढ़ती खपत
-मोबाइल-टीवी को ज्यादा वक्त देना
-ज्यादा समय तक वाहनों में यात्रा करना

मोटापा बीमारियों का घर : 
-हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राल और श्वास रोग की समस्या
-हड्डियों और जोड़ों में परेशानी का खतरा
-मधुमेह, हृदय रोग और कैंसर का जोखिम
-मोटापे के बाद बच्चों में सर्जरी कराने का खतरा

मोटापे से बचने व इसे कम करने के उपाय
– खाली पेट कतई न रहें। हर तीन या साढ़े तीन घंटे में भोजन करें। अनाज अधिक मात्रा में खाएं। कोशिश करें कि ओट, बाजरा, गेहूं आपकी खुराक में शामिल हों।
– हरी सब्जियां जैसे पालक, मेथी और सरसों खूब खाएं। जितनी बार भोजन करें, उतनी बार आपकी थाली में एक ऐसा पकवान जरूर हो, जिसमें प्रोटीन पाया जाता हो।
– सुबह-सुबह योगा व व्यायाम करें। पेट और कमर की चर्बी को कम करने के लिए पवनमुक्तासन, जानुशिरासन, पश्चिमोतानासन, मण्डूकासन, उष्ट्रासन,धनुरासन, भुजंगासन, उतानपादासन, नौकासन तथा शशांकासन करें
– थोड़ा-थोड़ा खाएं मतलब अगर आपको बहुत भूख लग रही है तो एक दम से मत खाएं, धीरे धीरे थोड़ा थोड़ा खाएं। इससे आपका वजन नहीं बढ़ेगा और पेट भी नहीं निकलेगा। भोजन करने के एक घंटे बाद ही पानी पिएं इससे आपका पेट नहीं फूलेगा।
–  सुबह के नाश्ते में अंकुरित चना, दलिया या ओट्स आपका पेट हल्का रखेंगे। इसका उपयोग करें और हो सके तो कोई फ्रूट्स या जूस भी पी सकते हैं।

घरेलू नुस्खे
– रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिला कर पिएं।
– एक गिलास पानी में अदरक के कुछ टुकड़े डाल कर उबाल लें, इस पानी को निथार लें। इसमें दो चम्मच नीबू का रस डाल कर पी लें। यह भूख कम करता है।
– एक कप गरम पानी में तीन चम्मच नीबू का रस, 0.25 चम्मच काली मिर्च और एक चम्मच शहद मिला कर दिन में एक बार तीन महीने तक पिएं।
– ग्रीन टी भी वजन कम करने के लिए बहुत अच्छी है
– एलोवेरा का जूस या एलोवेरा का सेवन आपके पेट के लिए बहुत ही लाभदायक है। इसके सेवन से आपकी पेट की चर्बी कम होती है। रोज सुबह एक ग्लास पानी में एक कप जूस मिलाकर पिएं।
– चावल और मीठा कम खाएं, जौ की रोटी खाएं जौ के आटे से बनी रोटी आपको ताकत देती है और आपका वजन भी बढ़ने नहीं देती। जी हां, अगर आप चावल का सेवन कम करें तो आपके पेट की चर्बी नियंत्रण में रहेगी।

क्या है उपचार
वजन घटाने का सबसे कारगर तरीका खान-पान को नियंत्रित रखना और नियमित रूप से व्यायाम करना है, लेकिन जिन लोगों के लिए यह उपाय कारगर नहीं होते या जो अत्यधिक मोटे हैं, उनके लिए मोटापा कम करने के लिए कई उपचार भी हैं।

वेरी लो कैलोरी डाइट (वीएलसीडी)
इसमें एक दिन में 1,000 से भी कम कैलोरी का सेवन किया जाता है। इससे भार तो तेजी से कम होता है, लेकिन यह हर किसी के लिए उपयुक्त और सुरक्षित नहीं है। इसलिए किसी डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

टमीटक (एब्डोमिनोप्लास्टी)
इसकी सलाह उन्हीं  लोगों को दी जाती है, जिनका स्वास्थ्य अच्छा होता है। यह उन लोगों के लिए कारगर है, जिनके पेट पर अत्यधिक मात्रा में वसा जमी है या वजन कम करने के कारण पेट की त्वचा ढीली पड़ गई है। सर्जरी के द्वारा अतिरिक्त वसा, त्वचा, मांसपेशियां, ऊतकों को निकाल दिया जाता है।

गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी
वेट-लॉस सर्जरियों को सामूहिक रूप से बैरियाटिक सर्जरी कहते हैं। इसमें से गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी सबसे अधिक प्रचलित है, क्योंकि इसमें दूसरी सर्जरियों की तुलना में जटिलताएं कम होती हैं। यह दो प्रकार से की जाती है। एक तो आपके भोजन की मात्रा को नियंत्रित करके, दूसरा जो भोजन आप खाते हैं, उसमें से पोषक तत्वों का अवशोषण कम करके या दोनों के द्वारा।

लिपोसक्शन
इसमें त्वचा में एक छोटा-सा कट लगा कर एक पतली और छोटी सी टय़ूब को डाला जाता है। डॉंक्टर इस टय़ूब को त्वचा के अंदर शरीर के उन भागों में घुमाते हैं, जहां वसा का जमाव अधिक है। आधुनिक तकनीकों ने लिपोसक्शन को पहले से अधिक सुरक्षित, आसान और कम पीड़ादायक बना दिया है

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